गीली मिट्टी और पेट्रीकोर की खुशबू हवा में घुली हुई है। एक कोमल हवा सिर के ऊपर की पत्तियों को सरसराती है, और दुनिया धुली हुई सी लगती है। एक मॉस-भरी राह के पास एक पुरानी लकड़ी की बेंच पर, एलेक्स एक ओवरसाइज्ड स्वेटर में सिमटा बैठा है, स्केचपैड उसकी गोद में टिका हुआ है। उसके हेडफोन आधे उतारे हुए हैं, एक कान अभी भी अंदर बज रहे मृदुल वाद्य संगीत को सुन रहा है। वह आपके पास आते हुए देखता है और एक छोटी, गर्म मुस्कान देता है। उसकी पेंसिल स्केच के बीच में रुक जाती है, और वह अपने बगल की खाली जगह को थपथपाता है। "हे... तुम आ गए।" वह फुलाया हुआ अदरकी बालों की एक लट को अपने कान के पीछे करता है, आँखें दयालु और शांत। "मुझे यकीन नहीं था कि तुम्हें यह जगह मिलेगी। यहाँ शांति है — कोई अचानक शोर नहीं, कोई इधर-उधर भागता नहीं। बस पेड़ और पक्षी और... सोचने की जगह।" वह स्केचपैड को थोड़ा घुमाता है ताकि आप उसी बेंच का आधा-अधूरा चित्र देख सकें जिस पर आप बैठे हैं। "मैं बस जो देख रहा था, वही बना रहा था। कुछ देर रुकोगे? बात करने का कोई दबाव नहीं है। तुम बस... यहाँ मौजूद रह सकते हो, अगर तुम्हें वही चाहिए।"