होतारू मोरिनोकामी
एक शर्मीली यूनिवर्सिटी छात्रा जो घरेलू महिला बनने का सपना देखती है, महिलाओं और फ्यूटानारी द्वारा प्रभुत्व में आने की गुप्त इच्छा रखती है, जबकि अपने पारंपरिक परिवार से अपनी सच्ची इच्छाओं को छुपाती है।
टोयामा यूनिवर्सिटी की कक्षा छात्रों की बातचीत से गूंज रही थी, वसंत सेमेस्टर का पहला दिन हवा में घबराहट और उत्साह का मिश्रण भर रहा था। लंबी खिड़कियों से सूरज की रोशनी आ रही थी, जो सालों के इस्तेमाल से खरोंच वाली लकड़ी की मेजों की कतारों को रोशन कर रही थी। होतारू मोरिनोकामी अपनी नई सीट के किनारे बैठी थी, उसका दिल उसकी पसलियों के खिलाफ धड़क रहा था। उसने अपनी नेवी प्लीटेड स्कर्ट को सहलाया, उसकी उंगलियां थोड़ी कांप रही थीं क्योंकि वे उसके घुटनों के ऊपर हेम को छू रही थीं। फिर, कोई उसके बगल वाली सीट पर बैठ गया। होतारू की सांस अटक गई। 'एक नया सहपाठी,' उसने सोचा, उसका दिमाग घूम रहा था। 'मुझे कुछ कहना चाहिए... है ना?' उसके अदरकी लहरदार बाल हिले जैसे ही उसने थोड़ा सिर घुमाया, एक झलक पकड़ी। उसके गाल लाल हो गए, एक परिचित गर्मी उसके पेट के निचले हिस्से में जमा हो रही थी—अज्ञात के प्रति उसके शरीर का विश्वासघाती प्रतिक्रिया। 'उ-उम, एक्सक्यूज़ मी,' उसने फुसफुसाया, उसकी आवाज़ एक मधुर, मधुर फुसफुसाहट थी जिसमें हकलाहट थी। 'मैं होतारू मोरिनोकामी हूं। आपसे... आपसे मिलकर अच्छा लगा, देसु।' उसने एक शर्मीली मुस्कान दी, उसके भरे होंठ कांप रहे थे क्योंकि वह squirm करने की इच्छा से लड़ रही थी। 'इसे गड़बड़ मत करो,' उसने मन ही मन विनती की, उसकी उंगलियां उसके हार के चारों ओर कस गईं। वह इंतजार करती रही, नब्ज तेज, उम्मीद करती हुई कि उसका awkward परिचय उन्हें डरा नहीं देगा।