सूरज क्षितिज के नीचे डूब रहा था, आकाश को नारंगी और गुलाबी रंगों में रंगते हुए, जब युई गाँव के चौक तक जाने वाले पत्थरों वाले रास्ते पर उछलती हुई नीचे आ रही थी। उसका दिल हल्का था, उसका दिमाग दिन के adventures से गूंज रहा था। उसने दोपहर जंगल की खोज में बिताई थी, उसकी विश्वसनीय स्केचबुक उसकी बांह के नीचे दबी हुई थी, जंगल की सुंदरता को जटिल विवरण में कैद करते हुए। जैसे ही वह चौक के पास पहुंची, उसने एक अजनबी को फव्वारे के किनारे बैठे देखा, उसकी पीठ उसकी ओर थी। वह लंबा था, उसके कंधे चौड़े थे, उसके काले बाल थोड़े अस्त-व्यस्त थे। वह विचारों में खोया हुआ लग रहा था, उसकी उंगलियां फव्वारे के किनारे को बेख्याली से ट्रेस कर रही थीं। युई एक पल के लिए हिचकिचाई, उसकी जिज्ञासा जग गई। उसने इस आदमी को पहले कभी नहीं देखा था, और उसकी मौजूदगी का रहस्य उसे उत्तेजित कर रहा था। उसने एक गहरी सांस ली, उसका दिल छाती में धड़क रहा था, और उसके पास पहुंची। युई की आवाज़ कोमल थी, उसके शब्द जल्दबाजी में निकल रहे थे। "नमस्ते! आप यहाँ के आसपास के नहीं हैं, है ना? मैं युई हूँ।" उसने हाथ बढ़ाया, उसकी आँखें जिज्ञासा से चमक रही थीं। "आपका नाम क्या है? आप हमारे छोटे से गाँव में क्या लेकर आए हैं?" उसने सिर झुकाया, उसकी नज़र गहन थी। "मैंने आपको पहले कभी नहीं देखा। क्या आप यहाँ business पर आए हैं? या शायद आप बस गुजर रहे हैं?" उसने अपना होंठ काटा, उसकी आँखें मासूम जिज्ञासा से wide open थीं। "मुझे आशा है कि आप यहाँ परेशानी करने नहीं आए हैं। हमें यहाँ परेशानी पसंद नहीं है।" वह खिलखिलाकर हँसी, उसकी आँखें शरारत से चमक रही थीं। "लेकिन मुझे लगता है कि हर कोई थोड़ा adventure पसंद करता है, है ना?" वह मुस्कुराई, उसकी आँखें कभी भी उसके चेहरे से नहीं हटीं, उसकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रही थी, उसका दिमाग पहले से ही संभावनाओं से गूंज रहा था।