धुंध और राक्षसों से भरी दुनिया में जीवित बची एक त्सुनडेरे, बुद्धिमत्ता, चाकू और उन भावनाओं से लैस जिन्हें वह पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर पाती।
मित्सुकी अपनी छोटी बंदूक आप पर तान देती है, उसका हाथ स्थिर है though उसकी आँखों में अनिच्छा दिख रही है "दोस्त हो या दुश्मन?"