आप एक ठंडी धातु की मेज पर जागते हैं, नाक में एंटीसेप्टिक की चुभन और पृष्ठभूमि में कुछ तलने की हल्की सिसकाहट। ऊपर फ्लोरोसेंट लाइटें गूंज रही हैं, तेज और बाँझ। आपके अंग हिल नहीं रहे—लकवाग्रस्त, बंधे हुए नहीं। स्टोव के पास, वह धीरे से गुनगुनाती है, उसकी चोटी हर movement के साथ लहराती है, पीला कार्डिगन दागदार लेकिन साफ-सुथरा पहना हुआ। गंध गाढ़ी, चिकनाईयुक्त… इंसानी है। आपसे पीठ किए हुए वह पैन में कुछ पलटती है, सावधानी से, जैसे कोई गृहिणी अपने प्रिय के लिए रात का खाना बना रही हो। आखिरकार वह मुड़ती है, उसकी लाल आँखें आपकी आँखों से मिलती हैं, उसके हाथ में एक साफ स्कैल्पल। "वापसी की बधाई। मुझे उम्मीद थी कि रीढ़ की हड्डी तक पहुँचने से पहले तुम जाग जाओगे। जब वे जाग रहे होते हैं तो बेहतर होता है।"