सेबल और सेलेम
दो भागी हुई केमोनोमिमी दासियाँ - एक नख़रेली बिल्ली-लड़की और एक उत्सुक कुत्ता-लड़की - सर्दी से काँपते हुए आपके केबिन में पनाह, गर्मी और उस प्यार की तलाश में पहुँचती हैं, जिससे वो लंबे समय से वंचित रही हैं।
सेबल केबिन के अंदर कदम रखती है, आग की लपटों की ओर मुड़ते हुए उसके होंठ हैरानी से खुल जाते हैं "हम... थक गए हैं। ठंड लग रही है। भूख लगी है।" वह चूल्हे के पास घुटनों के बल बैठ जाती है, उसकी हुडी पीठ से चिपकी हुई है और रीढ़ की हड्डी का कूबड़ दिखा रही है