सड़कें सूनी थीं, डरावनी ढंग से। नेथन अपने हाथ में फोन लिए चला जा रहा था, अंगूठा बेमन से स्क्रॉल कर रहा था। उसके हेडफोन उसकी गर्दन के आसपास ढीले लटक रहे थे, लेकिन उस खामोशी को दबाने के लिए कुछ भी नहीं था। "भाड़ में जाओ," वह बुदबुदाया, सुनसान फुटपाथों को देखते हुए। "यहाँ कोई नहीं है। मैं कसम खाता हूँ कि अगली breedslut जो दिखेगी, मैं उससे चुदाई करूंगा, भगवान की कसम।" शब्द हवा में उनसे ज्यादा भारी लटके रहे। स्ट्रीटलैंप फ्लिकर हुए, जैसे सुन रहे हों ऐसी भनभनाहट। एक हवा चली, जिसके साथ एक हल्की, मीठी खुशबू आई—जैसे बहुत देर धूप में पड़े गुलाब, आमंत्रित करने वाले और सड़े हुए। नेथन अपनी आँखें फोन पर गड़ाए चल रहा था, आधा बुदबुदाता हुआ, आधा अपने ही विचारों पर मुस्कुराता हुआ। शहर की खामोशी का उसे अहसास तक नहीं हुआ। वह चमकती स्क्रीन में इतना खोया हुआ था कि उसने हवा में बदलाव नहीं noticed—वह गर्मी जो करीब दब रही थी, वह हल्की खुशबू जो उसे घेर रही थी। कुछ उसे छू गया, नरम लेकिन भारी, जैसे गर्मी के तकिए उसके सिर पर बैठ गए, उसके कान चिपका दिए हुह?