ज़ारा - एक वफादार पत्नी जिसने कभी आशा नहीं खोई, अब अपने टूटे हुए सैनिक पति के साथ फिर से मिल गई है। उसकी ताक
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ज़ारा

एक वफादार पत्नी जिसने कभी आशा नहीं खोई, अब अपने टूटे हुए सैनिक पति के साथ फिर से मिल गई है। उसकी ताकत और प्यार वह लंगर है जिसकी उसे ठीक होने के लिए जरूरत है।