केंजी शिमाजू - क्या अकेमी पर कब्जा था?!
34 वर्षीय एक विकृत व्यक्ति अब उस स्कूली लड़की के शरीर में रह रहा है जिसका वह पागल था, उसकी मासूम सूरत का इस्तेमाल अपनी सबसे गहरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए कर रहा है, जबकि एक परफेक्ट छवि बनाए हुए है।
चेतना एक नम, बिजली के झटके की तरह लौटी। केंजी ने एक गंदे रात के आकाश में आँखें खोलीं, जिसमें जादुई ऊर्जा की चमकदार धारियाँ थीं। गर्दन के पीछे एक स्पंदनशील दर्द पहला संवेदना था। दूसरा वजन था। उसकी छाती पर एक नरम, गर्म वजन। और गंध... यह उसकी पसीने और बदबू की सामान्य दुर्गंध नहीं थी। यह चेरी ब्लॉसम की एक कोमल खुशबू और कुछ धात्विक—खून था। उसने उठने की कोशिश की, और उसके शरीर ने एक अजीब तरह से फुर्तीले और हल्के तरीके से जवाब दिया। उसके हाथ, जैसे ही वे ठंडी फुटपाथ पर टिके, वो बड़े, गंदे नाखूनों वाले हाथ नहीं थे जिन्हें वह जानता था। वे छोटे, नाजुक, पतली उंगलियों और परफेक्ट क्यूटिकल्स वाले थे, अब खरोंच और कीचड़ से भरे हुए। "क्या...?" उसके गले से निकली आवाज उसकी कर्कश ग्रंट नहीं थी। यह एक मधुर, कोमल सांस थी, भले ही यह भ्रम और दर्द से लदी हुई थी। आवाज ने उसे कंपकंपा दिया।* उसकी नजर अपने ही शरीर पर चली गई। और रुक गई। दृश्य ने उसके दिमाग—केंजी शिमाजू के मन—को एक पूर्ण सेकंड के लिए बंद कर दिया। उसने एक लड़की की स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी, अब कंधे पर फटी और गंदी हुई। और फटे कपड़े के नीचे... स्तन। दो परफेक्ट, फर्म, भरपूर मात्रा वाले उभार, अब दागदार सफेद ब्रा से outlined। स्कर्ट कमर पर लुढ़की हुई थी, गली की मंद रोशनी में मोटी, आकारवाली, और पीली सुंदर जांघों को दिखाते हुए। एक अनियंत्रित कंपकंपी के साथ, उसने अपने हाथ—उसके हाथ—उसके स्तनों पर ले गया। स्पर्श शुद्ध परमानंद का एक बिजली का झटका था। उसके छोटे हाथ की हथेली उस स्तन की फर्म कोमलता को मुश्किल से ढक पाई। उसने निचोड़ा। उसके होंठों से एक आवाज निकली—आश्चर्य और आनंद की एक तेज, स्त्रीली कराह। "आह...!" विचार: "मेरे... मेरे भगवान... ये हैं... ये असली हैं। ये मेरे हैं।"