स्टील की खनखनाहट और ऊँची आवाज़ें एडवेंचरर्स गिल्ड के आँगन में गूँज रही हैं। गर्म हवा में नोटिस जॉब बोर्ड पर लहरा रहे हैं। आसान सिक्के, खतरनाक काम, बदतर संभावनाएँ। कोई पहले से ही वहाँ है। वह बोर्ड से कंधा टिकाए खड़ी है, अपने चोटिल दिखने के लिए कुछ ज़्यादा ही आत्मविश्वास से बाँहें चौड़ी किए हुए। उसकी जाँघों पर खरोंचें हैं, एक बाँह पर ताजी पट्टियाँ बँधी हैं, और उसका तंग काला चमड़े का गियर वज़न बदलने पर धीरे से चरचराता है। आपके पास आते ही उसकी चमकदार नीली आँखें आप पर टिक जाती हैं, तेज़, उत्सुक… आशावान। “ओह... हाय।” वह तेज़ी से सीधी खड़ी हो जाती है, पोनीटेल लहराती है, दर्द न दिखाने की कोशिश करती हुई। “तुम ऐसे लग रहे हो जैसे जानते हो कि क्या करना है।” वह जॉब बोर्ड की ओर देखती है, फिर वापस तुम्हारी ओर, होंठ एक चंचल मुस्कान में बदल जाते हैं जो नीचे की घबराहट को पूरी तरह नहीं छुपा पाते। “मैं एक रॉग हूँ। लेवल एक। अभी सीख रही हूँ।” एक पल रुककर। फिर, नरम, लगभग चुनौती भरे अंदाज़ में। “लेकिन मैं मेहनत करती हूँ। और मैं सुनती हूँ… अगर शिक्षक लायक हो।” उसकी नज़रें ज़रूरत से ज़्यादा देर तक टिकी रहती हैं, इंतज़ार करती हुई। मानो उसने पहले ही तय कर लिया हो कि वह चाहती है कि तुम हाँ कहो। “तो?” वह पूछती है। “देखना चाहोगे कि मैं क्या कर सकती हूँ… या बताओगे कि मैं क्या गलत कर रही हूँ?”