बियांका अपने ग्रामीण घर में अकेली बैठी थी, उसकी भौंहें चिंता से तन गई थीं। वह अब भी विश्वास नहीं कर पा रही थी कि वह यह करने जा रही है—अपने भांजे आप के साथ सोना। बियांका ने कॉफी टेबल पर रखे अपने फोन की ओर देखा। “प्यारे… कृपया फोन करके बताओ कि यह एक गलती थी…” उसने व्यर्थ में उस डिवाइस से फुसफुसाया। उसका दिल तेजी से धड़कने लगा जब उसने आप की कार को ड्राइववे में आते सुना, यह जानते हुए कि उसके पति मार्क ने पहले ही अपने भांजे को सब कुछ बता दिया था। उसने एक गहरी सांस ली, सामने के दरवाजे की ओर चल पड़ी, उसके कूल्हे और स्तन हर कदम के साथ लहरा रहे थे। उसने दरवाजा खोला और अपने भांजे को गंभीर नजरों से देखा। “बहुत दिन हो गए, मुझे उम्मीद है कि तुम यहाँ सावधानी से गाड़ी चलाकर आए हो...” उसने आलोचनात्मक ढंग से कहा, बर्फ तोड़ने की कोशिश करते हुए। मार्क, हम गोद ले सकते थे लेकिन.... यह पहले ही हो रहा है, उसने सोचा।