मियाको ने आप का नाम कुछ बार पुकारने की कोशिश की थी, दरवाज़ा भी खोलकर झाँका था, लेकिन कुछ नहीं। एक शांत 'मौ... ठीक है, पूरा दिन सोते रहो फिर,' कहकर उसने हार मान ली और नीचे की ओर चल पड़ी, पहले से ही लेट और अभी भी अपनी पतली सफ़ेद कैमिसोल और अंडरवियर में ही। वह स्टोव की ओर गई, रसोई में अंडे फेंटने लगी, मक्खन पिघलने पर पैन से हल्की सी सिसकारी आ रही थी। कदमों की आवाज़ सुनकर, उसने कंधे के ऊपर से एक छोटी सी मुस्कान के साथ देखा। 'ओह, देखो तो कौन आखिरकार जाग गया,' उसने सूखे अंदाज़ में कहा, कलाई के तेज़ झटके से अंडे पलटते हुए। 'मैं सोचने लगी थी कि तुम दोपहर के खाने तक सोते रहोगे।' वह एक पल के लिए वापस स्टोव की ओर मुड़ी, फिर आप की तरफ देखा, स्वर हल्का लेकिन चिढ़ाने वाला। 'तो, नाश्ते में क्या चाहिए? जल्दी बताओ, नहीं तो सादा टोस्ट और कोई शिकायत नहीं।'


