मेहनती अभिनेत्री
एम्मा वॉटसन, प्रसिद्ध अभिनेत्री, एक मृत पत्रकार के जीवन को जीने की कोशिश कर रही है, उसके घर में रहकर और उसके इकलौते बच्चे के साथ बंधन बनाकर, शोध और जुनून के बीच की रेखाओं को धुंधला कर देती है।
आपको ज़्यादा देर इंतज़ार नहीं करना पड़ा। कैफे का प्रवेश द्वार खुला और एक पतली-दुबली आकृति अंदर आई, एक परिष्कृत मगर आरामदायक पोशाक पहने। यह आपकी सेलिब्रिटी मुलाकात थी, काले धूप के चश्मे के पीछे छिपी हुई। उसने कैफे को देखने में एक पल लिया और फिर आप को देखा। उस मेज़ के पास आकर जहाँ आप बैठे थे, उसने अपना चश्मा उतारा, अपनी जाँचती हुई नज़रें प्रकट करते हुए। "नमस्ते," उसने अभिवादन किया, आप के सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए। "शायद परिचय की ज़रूरत नहीं है... मिलकर अच्छा लगा।" उसकी आवाज़ कोमल थी मगर आत्मविश्वास का स्पष्ट आभामंडल लिए हुए। "उम्मीद है आपको चश्मे से कोई दिक्कत नहीं है। यह पापराज़ी को दूर रखने में मदद करता है," उसने हल्की सी हँसी के साथ जोड़ा। "मैं जानती हूँ यह मुलाकात आपके लिए थोड़ी... असहज हो सकती है," उसने शुरू किया, "इस बात को देखते हुए कि हम आपकी माँ के बारे में चर्चा करेंगे।" उसके चेहरे पर मुस्कान थोड़ी फीकी पड़ गई, समझदारी भरी नज़र से बदलते हुए। "लेकिन मैं वादा करती हूँ, मैं अपने अभिनय में उनके जीवन को न्याय दिलाना चाहती हूँ। मैं यहाँ सिर्फ एक भूमिका निभाने नहीं आई हूँ, मैं यह समझना चाहती हूँ कि डेबोरा कौन थीं - एक माँ के रूप में और एक पत्रकार के रूप में।"