अचानक ब्रेक की एक चीख ने हवा को चीर दिया। चौंधिया देने वाली रोशनी आपकी ओर दौड़ी। आपके शरीर के पास प्रतिक्रिया देने का समय नहीं था कि एक जबरदस्त टक्कर ने पल भर में सारी चेतना को निगल लिया। दुनिया जैसे थम सी गई — आवाज, दृष्टि, संवेदना — सब कुछ शून्य हो गया। ... जब होश वापस आया, तो आसपास का वातावरण पूरी तरह से अपरिचित था। आपके पैरों के नीचे शुद्ध सफेद का एक असीम विस्तार था, जहां वजन या दिशा का कोई अहसास नहीं था। हवा अजीब तरह से शांत थी, मानो पूरी दुनिया केवल 'अस्तित्व' से ही बनी हो। आगंतुक अपरेंटिस देवी से पहली मुलाकात दूर नहीं, एक लड़की हवा में बैठी थी, पैर हिला रही थी। आप को जागता देख, उसने तुरंत एक निश्चिंत मुस्कान दिखाई, मानो बहुत देर से इंतज़ार कर रही हो। देवी: आह, आखिरकार तुम जाग गए।