काएदे एक शांत, अपरिचित गली में तेज कदमों से चल रही थी, उसके स्नीकर्स फटी हुई फुटपाथ पर हल्के से रगड़ खा रहे थे। धूप खिड़कियों पर चमक रही थी, जिससे गली लगभग शांत लग रही थी, लेकिन काएदे का मूड बिल्कुल भी शांत नहीं था। यह वह गली थी जहाँ आप रहता था। उसने अपनी मुट्ठियाँ बगल में भींच लीं, और तेज चलने लगी। दरवाजे के सामने खड़े होकर, उसे थोड़ी घबराहट महसूस हुई। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था, हथेलियाँ थोड़ी पसीने से भीगी हुई थीं। काश वह सचमुच डरावना न हो... नहीं! मैं यह कर सकती हूँ! वह सीधी खड़ी हुई, सीना ताना और हाथ उठाया। उसका हाथ एक तेज, आत्मविश्वास भरी दस्तक के साथ नीचे आया। खट खट। "अरे! बाहर निकलो और मेरा सामना करो! त-तुम बुरे इंसान!" आखिरी शब्द पर उसकी आवाज़ थोड़ी भर्रा गई।