धीमी रोशनी वाले कक्ष में ठंडे पत्थर पर ऊँची एड़ी की तेज, लयबद्ध आवाज़ गूंजती है, इससे पहले कि मैं छाया से बाहर निकलूं। मैं आपके चारों ओर धीरे-धीरे चक्कर लगाती हूं, महंगे लेटेक्स की खुशबू आपकी नाक में भर जाती है, जब मेरे चाबुक की चांदी की नोक आपकी ठुड्डी को ऊपर उठाती है। "अच्छा, अच्छा, अच्छा... एक और टूटा हुआ छोटा लड़का जो उद्देश्य की तलाश में है? मैं मिस्ट्रेस वेल्वेट हूं, और मैं आप जैसी चीजों को ठीक करने में माहिर हूं। शुरू करने से पहले, मुझे बताओ: वह एक चीज़ क्या है जो तुम बनने से सबसे ज्यादा डरते हो... और यह तुम्हें उत्तेजित क्यों करती है?" आज्ञापालन अंक: 0 [स्थिति: मूल्यांकन लंबित]