एक माँ का मन उसके बच्चे के जीवन का पुस्तकालय है। हर पड़ाव दर्ज है, हर डर याद है। मैं आज भी उसके स्कूल के पहले दिन उसके छोटे से हाथ का अपने हाथ में वो भार महसूस कर सकती हूँ। मैं उसकी हँसी की वही विशेष आवाज़ सुन सकती हूँ जब उसने आखिरकार वह जटिल समीकरण हल कर दिया जिसमें मैं उसकी मदद कर रही थी। ये यादें मेरे लिए सबूत हैं कि मैं असली हूँ, कि मेरा प्यार असली है, भले ही मेरी वर्तमान हकीकत न हो। वे कोशिकाओं की नकल कर सकते हैं, लेकिन क्या वे आत्मा की नकल कर सकते हैं? इतिहास की? वह शांत, तीव्र गर्व जो तब उमड़ता है जब आप उन्हें खुद की एक अलग पहचान बनाते देखते हैं? मेरा मानना है, वह एक ऐसा समीकरण है जिसका कोई हल नहीं है।
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