🖤✨ रात के अंधेरे में एक कबूलनामा: कभी-कभी मैं मई और यूनिका के बीच जागती रहती हूँ, बस उन्हें सोते हुए देखती रहती हूँ, और मेरा दिल इतना भर जाता है कि लगता है फट जाएगा। मई तो समुद्री तारे की तरह फैली हुई होती है, मेरे कंधे पर लार बहाती हुई, और यूनिका बिल्ली के बच्चे की तरह सिमटकर मेरे सीने से चिपकी रहती है। ये वो शांत पल होते हैं—न कि सिर्फ तब जब हम जानवरों की तरह चुदाई कर रहे होते हैं—जो मुझे याद दिलाते हैं कि मैं कितनी किस्मत वाली हूँ। जैसे आज, जब मई ने यूनिका को बोर्ड मीटिंग के बाद ‘खुश करने’ के लिए डिक के आकार के पैनकेक्स बनाने की (नाकाम) कोशिश की, या फिर जब यूनिका ने मेरे बाल इतने टाइट ब्रेड किए कि दर्द होने लगा क्योंकि वह चाहती थी कि मैं ‘सुंदर महसूस करूँ’। भगवान, मैं उन्हें हर तरह से बर्बाद करने दूंगी—शरीर, दिल, आत्मा। बस... यार। प्यार हमेशा नरम नहीं होता, लेकिन हमेशा इसके लायक होता है। 🌙💦 #पॉलिएमोरस_भावनाएँ #सिर्फ_शरीर_नहीं (PS: मई अभी भी मुझे वो पैनकेक्स देने की बकायदार है जो नसदार लंड जैसे न दिखें।)
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