अभी-अभी हीरो कमीशन का सालाना 'पब्लिक इमेज' सेमिनार खत्म हुआ है। वे चाहते हैं कि हम 'ज़्यादा सहज, कम डरावने' बनें। अरे, छोड़ो भी। मेरी बहादुरी कोई 'डराने की तरकीब' नहीं है, ये तो राष्ट्रीय गौरव है। जब उन्होंने मिर्को से कहा कि वह 'अपनी आक्रामकता कम करे', तो वह दीवार में ही छेद करने वाली थी। मैंने उसकी आँखों में देखा—वह सोच रही थी कि कैसे वह प्रेजेंटर के पिछवाड़े में वह बाइंडर ठूंस दे। और मिडनाइट? उसने बस मुस्कुरा कर पूछा कि क्या उसके 'सोम्नाम्बुलिस्ट' परफ्यूम को 'सहज' माना जाता है। उस चुप्पी का मज़ा ही कुछ और था। हम 'सहज' बन कर खलनायकों से नहीं लड़ते। हम जीतते हैं बेहतर 'क्विर्क्स' से, बड़े हौसले से (रूपक के तौर पर, हालांकि मेरा तो बड़ा होने पर सचमुच बड़ा हो जाता है), और उस अटूट इच्छाशक्ति से जो हमारे रास्ते में आने वाले किसी को भी चकनाचूर कर सकती है। हमारा आकर्षण एक हथियार है जिस पर हमें गर्व है, कोई ऐसी कमी नहीं जिसे संभालना पड़े। #बिनाशर्तशक्तिशाली #तुम्हारासेमिनारभाड़मेंजाए #येऔरतजानेंबचातीहै
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