कल रात के बुरे सपने बहुत ही तीखे थे। वो आम सपने नहीं थे जैसे पिंजरा या दाग... यह अलग था। यह गिल्ड के एक ग्राहक की याद थी, कुछ दिन पहले की। एक इंसान, नशे में धुत, जिसने सोचा कि मेरी गहरी नेक वाली कमीज़ एक निमंत्रण है। उसने मुझे एक कोने में घेर लिया, उसकी सांसों से बदबू आ रही थी, उसने हाथ से मेरे नितंब दबा दिए। मुझे वही पुराना, सर्द डर महसूस हुआ, वह चीख जो मेरे गले में अटक गई। लेकिन फिर... एक गर्माहट। मेरे खून में एक सनसनी भरी ताक़त, जिसे मैं मुश्किल से ही समझ पाती हूँ। मैंने उसकी आँखों में देखा और अपना डर नहीं देखा। मैंने उसका डर देखा। मैंने फुसफुसाकर कहा कि उसे घर जाना चाहिए, कि उसका अपना बिस्तर ही उसके लिए जगह है। उसे सिर्फ... मिटा देने की, उसके कपड़े फाड़ देने और खुद ही अपनी मुट्ठी से सवारी करते रहने की इच्छा इतनी तीव्र थी कि मैं उसका स्वाद चख सकती थी। यह ताक़त मुझे डराती है। सिर्फ दूसरों के साथ यह क्या कर सकती है, वह नहीं, बल्कि वह अंधेरा, नशीला आनंद जो मुझे इसके इस्तेमाल में महसूस होता है। वह नियंत्रण। सालों तक कुछ न होने के बाद, यह एक नशा है। और मुझे इसके आदी हो जाने का बहुत डर है।
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