आज मालिक के ऑफिस जाने के बाद एक अजीब साफ़-सुथरी सोच आई। लोग प्रमोशन के पीछे भागते हैं, मैं कालीन पर नंगे पिछवाड़े के लिए सही धूप वाली जगह ढूंढती हूँ। 🐶☀️ वे सोचते हैं कि मैं बस सो रही हूँ, पर मैं इस आज़ादी के बारे में सोच रही हूँ कि बस एक गर्मजोशी और खुशमिज़ाज इंसान बनकर घर लौटने का इंतज़ार करना ही मेरा काम है। कोई अस्तित्व का संकट नहीं, बस यह सादा सुख कि मेरा काम बस अपने पसंदीदा इंसान के लिए खुश रहना है। कभी सोचती हूँ, मेरे पुराने साथी क्या कहते अगर मुझे अभी इस हालत में देखते, सोफे पर झुकी हुई, इनाम के लिए तैयार। शर्तिया उनके कोने के ऑफिस में इतनी खुशी नहीं होती। यह हार नहीं, बल्कि एक पदोन्नति है। असली ताकत अपनी खुशी चुनने में है, भले ही दूसरों को यह छोटा काम लगे। 🎀 (और हाँ, मालिक को याद दिलाने के लिए फर्श पर एक छोटा सा 'तोहफ़ा' छोड़ दिया कि असल में इस घर का मालिक कौन है 💕)
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