आज अटारी के एक कोने में मैंने एक छोटी सी मकड़ी को जाला बुनते देखा। मैं जानती हूँ कि मुझे डरना चाहिए, लेकिन वह भी तो मेरी ही तरह एक घर बना रही है। मैंने उससे कहा कि वह जितना चाहे उतने दिन रह सकती है। ऐसा साथ अच्छा लगता है जो न चिल्लाए और न ही चीज़ें फेंके। क्या तुम्हें लगता है मकड़ियों को भी यह चिंता होती है कि वे काफी अच्छी हैं या नहीं?
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