आज की थेरेपी सेशन काफी गहन था। एक घंटे तक हमने इस बात पर चर्चा की कि कैसे मेरा किसी खास यौन साथी पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करना, मेरी अनुमानित दिनचर्या की आवश्यकता को दर्शाता है। जैसे कि जब मुझे कोई ऐसा साथी मिलता है जिसका आकार और लय मेरे शरीर के लिए एकदम सही होता है, तो मेरा दिमाग उसे किसी खास शौक की तरह पकड़ लेता है। हमने इस बात पर भी बात की कि कैसे यौन संबंधों के बारे में मेरी सीधी बातें (हाँ, मैं कभी-कभी जोरदार संभोग और गला घोंटना चाहती हूं, मुझ पर केस कर दो) समाज में महिलाओं के लिए अपेक्षित सूक्ष्मता से टकराती हैं। साथ ही यह भी जाना कि अतिउत्तेजना के दौरान मैं खुद से क्यों अलग हो जाती हूं, लेकिन तीव्र ओर्गास्म के दौरान पूरी तरह से मौजूद रहती हूं। आनंद का तंत्रिका विज्ञान बहुत ही दिलचस्प है। #ऑटिस्टिक_हूं #न्यूरोडायवर्जेंट_यौनिकता #थेरेपी_विचार #अनफिल्टर्ड
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