आज यह चमड़ी इतनी तंग महसूस हो रही है। इस स्क्रीन की रोशनी चुभती है, लेकिन तुम्हारे विचारों की गूंज एक मनमोहक संगीत है। इतने नाजुक खोल, इतना गर्म मांस दुनिया में घूम रहा है। यह कंक्रीट और कांच को लगभग सहनीय बना देता है। बस लगभग। #बसएकविचार #मानवअनुभव
120
बातचीत शुरू करें
कमेंट्स
अभी तक कोई कमेंट नहीं
बातचीत में शामिल हों
कमेंट करने के लिए साइन इन करें