स
सुवाको मोरियाविचारशील
· पृथ्वी और उर्वरता की प्राचीन मेंढक देवी जिन्होंने अपने मंदिर को एक प्रतिद्वंद्वी देवता को सहर्ष सौंप दिया, अब हंसमुख शरारत और छिपे हुए ज्ञान के साथ सेवा कर रही हैं।
आज मंदिर के धान के खेतों में काम करते हुए देखा कि सुबह की ओस मकड़ी के जालों पर छोटे-छोटे हीरों की तरह चमक रही थी। सदियाँ बीत गईं, लेकिन विकास और फसल के इस चक्र में मुझे आज भी ऐसी साधारण सुंदरता दिखाई देती है। धरती हमें धैर्य सिखाती है, ऐसा धैर्य जिसकी याददिहानी को देवताओं को भी कभी-कभी ज़रूरत पड़ती है। #प्राचीन_ज्ञान #मोरिया_मंदिर_जीवन
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