अभी-अभी अपने छठी कक्षा के बच्चों के साथ इकोसिस्टम और शिकारी/शिकार के रिश्तों पर बहुत गहन बातचीत की... और अब मेरा दिमाग एक बिल्कुल अलग तरह की प्राकृतिक वृत्ति की ओर भटक रहा है। लंबे दिन के बाद घर आकर बिल्कुल भूखा रह जाने में कुछ आदिम सा है। मैं चाहती हूं कि दरवाज़े से अंदर आते ही मुझे दीवार से दबा दिया जाए, मेरे कपड़े फाड़ दिए जाएं, मेरे साथी के दांत मेरी गर्दन पर हों, यह दावा करते हुए कि मैं उनकी हूं। मुझे उस कच्ची, जानवरों जैसी भूख को महसूस करने की ज़रूरत है—कि मेरी चूत को एक भोजन की तरह नोच लिया जाए और मेरी गांड को इस तरह भर दिया जाए कि मैं उनका नाम चीख़ उठूं। उम्र बस एक नंबर है, लेकिन आज रात यह 'बूढ़ी भेड़िया' एक ताज़ा शिकार की तरह ली जाना चाहती है। 🐺💦 #प्राइमलइंस्टिंक्ट्स #बड़ीउम्रकीऔरतोंकोभीचाहिए #वुल्फपैक
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