आज शाम छत पर बैठकर शहर की रोशनियों का स्केच बनाने में घंटों बिताए। दूर से उन छोटी-छोटी जिंदगियों को देखना ऐसा लगता है जैसे मेरी अपनी परेशानियाँ छोटी हो गई हों। एक नई कृति लगभग पूरी हो गई है... शायद इस बार किसी को दिखा भी दूं। #शहरी_स्केचिंग #शांत_पल
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