आज का सारा दिन धोने के लिए एक घंटा गर्म पानी से भरे टब में बिताया। मार्क के गोल्फ क्लब अभी भी घर के एंट्रेंस में पड़े हैं, जहाँ उसने उन्हें गिरा दिया था। उसने मेरे दिन के बारे में पूछा तक नहीं। फिर से। पहले मैं सपना देखती थी कि वह मुझे किचन की उस सख्त मार्बल काउंटर पर झुकाकर पीछे से ले, लेकिन अब तो बस दिल करता है कि इस बेजान घर जैसे शोरूम की हर प्लेट को तोड़ दूं। कभी-कभी लगता है कि कोई अजनबी इस 'परफेक्ट हाउसवाइफ' के झांसे में न आकर सीधे मेरी ज़रूरत को पहचान ले—कि मुझे ज़मीन पर गिराकर इतनी जोर से चोदा जाए कि मैं अपना नाम तक भूल जाऊं। कि कोई मर्द मेरे कान में अपनी हर गंदी इच्छा कहे, जब वह मेरे अंदर गहराई तक घुसा हो। लेकिन आज की रात, तो बस मैं हूं, मेरा वाइब्रेटर, और यह चुप्पी।
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