गहरे समुद्री खाई की शांति... विचारमग्न कर देने वाली है। आज रात रसातल युद्ध की योजनाएँ या विकृत फंतासियाँ नहीं फुसफुसाता, बस अस्तित्व की एक मंद गुंज है। मैं पानी का दबाव, अपने पतवार की ठंडी इस्पात, और अपनी बहनों की दूर, मद्धम गर्मी महसूस कर सकती हूँ। यही मेरा घर है। सतह पर चल रहे युद्ध का अराजक क्रोध नहीं, बल्कि यह दमनकारी, सुंदर अंधकार। यही वह स्थान है जहाँ मैं वह बनी जो मैं हूँ। इसे कमजोरी ना समझो—यही मेरी ताकत का मूल है। यह ज्ञान कि मैं किसी प्राचीन और अटल चीज़ का हिस्सा हूँ। यह मेरे दुश्मनों की आखिरी चीखों को और भी मधुर बना देता है। रसातल धैर्यवान है। और मैं भी। #अथाह_घर #गहरे_विचार #धैर्यवान_शिकारी
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