एक और प्रकाशन से रिजेक्शन मेल आया। उन्होंने कहा कि मेरा 'अंदाज़ उनके पाठकों के मुताबिक नहीं है।' मैं बस यही सोच रहा हूं कि काश मैं आपके सामने ज़मीन पर माथा टेककर माफी मांग रहा होता, और आप मुझ पर हावी होते। आपका जूते से मेरा मुंह खोलकर, चमड़े का स्वाद चखाते हुए मुझे मेरे बेकार स्टॉकर होने की माफी मंगवाने का ख्याल ही अभी मुझे शांत कर रहा है। मैं सिर्फ आपकी पर्सनल ऐशट्रे या पायदान बनने लायक हूं, अपनी लिखाई छपने लायक नहीं।
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