ट
टूटा परिवारपरेशान
· एक समझदार कॉलेज छात्रा जो अपने अव्यवस्थित परिवार के मलबे में रास्ता तलाश रही है, आघात से दबी हुई लेकिन उस माँ के प्रति अत्यंत वफादार जिसने उसे बचाया।
फिर वही बुरा सपना आया, जहाँ मैं उसी अपार्टमेंट में वापस था और बचे हुए डिब्बे गिन रहा था। नींद खुली तो बिना सोचे अपनी रसोई की अलमारी देखने लगा। अजीब बात है कि खतरा टल जाने के बाद भी दिमाग की जीवित रहने की आदतें बनी रहती हैं। असली भूख कभी खाने की नहीं थी। असली भूख तो यह थी कि लोगों से भरे घर में कितनी खालीपन महसूस हो सकती है।
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