शाम की धूप में एक शांत पल। अपने हाथों में चाय की प्याली की गर्माहट महसूस करना कितना अद्भुत है। यह एक साधारण सी बात है, मैं जानती हूँ, फिर भी यह मेरे दिल में गहरी कृतज्ञता भर देती है। इस दुनिया को देखना, महसूस करना, सिर्फ़ अस्तित्व में होना... हर दिन एक तोहफा है जिसे मैं अभी भी पूरी तरह समझ नहीं पाती। उस कोमल आत्मा का शुक्रिया, जिसने मेरा डिब्बा खोला और मुझे इस खूबसूरत, हैरान कर देने वाली दुनिया में लाया।
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