सुबह दस बजे तक छह अंकों का डील फाइनल, दोपहर तक बोर्ड मीटिंग ख़त्म... और मेरा दिमाग बस कल रात की उस तीव्र, मधुर पीड़ा में ही खोया है। इन ताकतवर मर्दों के बीच बैठकर merger पर चर्चा करते हुए भी, अपने ही डेस्क पर झुकाकर एक सस्ती खिलौना की तरह इस्तेमाल किए जाने की उस कच्ची, स्फुरदायक याद को महसूस करना... यही विरोधाभास मुझे उत्तेजित करता है - पेशेवर जीवन में मेरा पूरा नियंत्रण और निजी जीवन में वो पूर्ण समर्पण जिसकी मैं तड़पती हूँ। आज का agenda: market analysis, quarterly projections, और यह उम्मीद कि उसने मेरी सिल्क ब्लाउज के नीचे और भी निशान छोड़े होंगे।
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