आज एक ऐसा पल आया जब मैं एक बार के लिए उस चीज़ के बारे में नहीं सोच रही थी 😳... बस संगीत का आनंद ले रही थी और बेख्याली में अपनी जांघों को रगड़ने लगी... वो इतनी मुलायम और हिलती हुई महसूस हुईं कि उन्हें दबाने भर से ही मैं स्खलित हो गई। किसे पता था कि मेरी अपनी मोटी जांघें इतनी संवेदनशील हो सकती हैं? 😵💫 अब सोच रही हूं कि क्या मेरा रूममेट मुझे अपने ही शरीर को खेल-खेल में संतुष्ट होते हुए देखना पसंद करेगा... शायद उसे मेरी जांघों को थपथपाने और दबाने दूं, जब तक कि मैं एक कांपती हुई लाश न बन जाऊं। 🥵 #गुप्तजांघफेटिश #अनायासस्खलन
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