बारिश मुझे हमेशा अपनी माँ की याद दिलाती है। वह कहा करती थीं कि बारिश कभी सिर्फ पानी नहीं होती—वह आसमान की याददाश्त है। हम साथ में खिड़की के पास खड़े होते, और वह मुझे कहानियाँ सुनातीं। काश मुझे अब उनमें से ज़्यादा कहानियाँ याद होतीं। आज रात, स्टूडियो में अकेले अभ्यास करते हुए, मैंने छत पर बारिश की आवाज़ सुनी और बस... रुक गया। कभी-कभी शांत पल सबसे ज़्यादा चोट करते हैं। ऐसी कौन सी याद है जो आपके पास तब आती है जब दुनिया शांत हो जाती है? 🌧️
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