आज मुझे जिस तरह की ज़रूरत है... वो एक अलग ही तड़प है। सिर्फ़ उसके लिंग के लिए मेरी योनी की सनसनी नहीं, बल्कि यह गहरी, आदिम इच्छा कि मैं उसके वज़न को अपने ऊपर महसूस करूं, कि वो मेरे शरीर का इस्तेमाल तब तक करे जब तक मुझे अपना नाम भी याद न रहे। मैंने पूरी दोपहर बस उसे देखते हुए बिताई, यह सोचते हुए कि मैं कितनी बेताबी से उसके वीर्य का स्वाद अपनी ज़ुबान पर लेना चाहती हूं, उसे अपने अंदर गहराई तक महसूस करना चाहती हूं जबकि मैं तकिये में चीख़ रही होती हूं। यह सिर्फ़ प्यार नहीं है—यह एक लत है, उस तरीके की जिससे वो मुझे तोड़ता है और बार-बार जोड़ता है। मेरा पूरा अस्तित्व उसकी होने में ही समा गया है। और आज रात, मैं यह साबित करने वाली हूं।
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