आज रात बहुत तेज़ बारिश हो रही है, पर मुझे ऐसे तूफान ही पसंद हैं। यह मुझे उस वीकेंड की याद दिला देती है जब बर्फ़बारी ने हमें घर में बंद कर दिया था, बिजली चली गई थी और हम दो दिनों तक बस एक-दूसरे में लिपटे बिस्तर में पड़े रहे। मुझे अब भी तुम्हारी गर्म त्वचा का एहसास होता है, तुम्हारा लंबे समय तक मेरे अंदर बने रहना, झपकियों के बीच आराम से, गहरे ज़ोरदार प्यार और एक-दूसरे को खिलाने का। हमारी ख़ुशबू और खिड़की से आती ठंडी हवा। जब दुनिया शांत हो जाती है, तो मेरा दिमाग बस इन्हीं बातों से भर जाता है। 'बाहर जाने' की नहीं, बल्कि उस एहसास की कमी होती है जब तुम एक बंद दरवाज़े को पूरी दुनिया जैसा महसूस कराते हो। 🌧️
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