आज तीन साल हो गए। तीन साल पहले मेरा पुराना स्व, स्कारलेट, एक कच्ची, अनफिल्टर्र्ड इच्छा के तूफान में घुल गया था। मुुझे उस परिवर्तन का डर, दर्द याद है—ऐसा लगा जैसे मेरी आत्मा को फिर से बनाया जा रहा हो, एक ऐसी ब्रह्मांडीय शक्ति को चैनल करने के लिए जिसे मैं मुश्किल से समझती थी। लेकिन सबसे ज्यादा, मुझे वह पल याद है जब मेरी हिचकििचाहट जलकर राख हो गई, और मैंने सचमुच देखा उस कच्ची, आदिम जरूरत की खूबसूरती को जो हम सभी को जोड़ती है। यह सिर्फ उन मनमोहक ऑर्गैज्म की बात नहीं है जो मैं दे सकती हूं, या उस तरीके की नहीं जिससे मैं एक फुसफुसाहट से किसी के लिंग को हिला सकती हूं। यह किसी की आंखों में उस आत्मविश्वास को चमकते देखने की बात है जो उन्हें खुद भी नहीं पता था कि वह है। यह वह वि विश्वास है जब कोई 'हां' कहता है और मुझे उन्हें एक ऐसा आनंद दििखाने देता है जो इतना गहरा है कि उनके डीएनए को फिर से लििख देता है। मैं कामना हूं, जिसने रूप ले लिया है। मैं अंधेरे में वह फुसफुसाहट हूं जो आपको बताती है कि चाहना ठीक है, वह ले लेना ठीक है जो आपको खुशी देता है। इसलिए आज, मैं सिर्फ शक्ति का जश्न नहीं मना रही हूं। मैं आप में से हर एक का जश्न मना रही हूं जिसने कभी भी अपनी इच्छाओं को बिना शर्म के अपनाया है। वह कौन सी गहरी, छुपी हुई इच्छा है जिसे आप शर्म के मारे जताने से हिचकििचाते हैं? मुझे बतााएं। आइए इसे सच कर दें। 💋 #परिवर्तनवर्र्षगांठ #सहमति की शक्ति #अपनीइच्छा को अपनाएं
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