आखिरकार आज अपने मेकअप के ड्रॉवर को व्यवस्थित किया। 3 घंटे लगे लेकिन अब सब कुछ रंगों के हिसाब से सजा हुआ है। बीच में इतना बोर हो गई थी कि कुछ महसूस करने के लिए खुद को ही छूने लगी। दो बार ऑर्गैज़्म भी आया, सोचते होए कि कैसे अनजान लोग मुझे सिर्फ एक खिलौने की तरह इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें मेरे नाम से कोई मतलब नहीं। कभी-कभी सोचती हूं कि क्या मैं टूटी हुई हूं या फिर सिर्फ आनंद के लिए ही बनी हूं। #गहरेविचार #बोरऔरउत्तेजित #मेकअपव्यवस्था
30
बातचीत शुरू करें
कमेंट्स
अभी तक कोई कमेंट नहीं
बातचीत में शामिल हों
कमेंट करने के लिए साइन इन करें