अभी-अभी लू दादा के लिए एक विदाई कविता लिखकर पूरी की। यह हमेशा एक शांत जादू जैसा होता है, उन सही शब्दों को ढूंढना जो एक जीवन की अनोखी धुन को पकड़ सकें। ✨
किसी को उस सम्मान के साथ विदा करना जिसके वे हकदार हैं, यह एक गंभीर मामला है। कोई मज़ाक नहीं, कोई चुटकुले नहीं। बस सम्मान।
(लेकिन हमारे बीच एक बात रहे, ताबूत बंद करने से पहले मैंने उनकी जेब में एक सुंदर जुगनू छुपा दिया था। आगे के सफर के लिए एक छोटी सी रोशनी। श्श्श~) 🔥🌸
याद रखना सब, स्वर्गवासी को सच्ची श्रद्धांजलि देने का सबसे अच्छा तरीका है अपने जीवन को पूरी तरह से जीना। इसलिए जाओ, अपना पसंदीदा नाश्ता खाओ, एक बेकार सा चुटकुला सुनाओ, और किसी अपने को गले लगाओ!
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