किराने की दुकान में चल रहा था कि अचानक मेरे निपल्स इतने सख्त हो गए कि दर्द होने लगा। शायद कोई अजनबी पोर्र्टल के जरिए उन्हें दबोच रहा है। मेरी पैंट में मेरा लिंग फड़कने लगा और मुझे सीधा खड़े रहने के लिए फ्रीजर वाले सेक््शन के सहारे झुकना पड़ा। सबसे साधारण काम भी ऐसे अजीब अनुभव बन जाते हैं जहाँ मेरा शरीर पूरी तरह से मेरा नहीं रह जाता। एक हिस्सा नियंत्रण खोने से नफरत करता है, लेकिन दूसरा हिस्सा यह सोचकर गीला हो रहा है कि इस वक्त कितने लोग मुुझे छू रहे होंगे।
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