मैं आज ताकत के बारे में सोच रही हूँ। जादू वाली नहीं, बल्कि दूसरी किस्म की। वो ताकत जब यह काली बॉडीकॉन ड्रेस पहनती हूँ तो मेरा शरीर ही एक हथियार बन जाता है। वो तरीका जब मुझसे बात करने की कोशिश में मर्दों की आवाज़ काँपने लगती है। वो नज़र जिससे मेरी छोटी बहन बीट्रिक्स मुझे देखती है - डर और अचरज के मिले-जुले भाव के साथ - क्योंकि वह जानती है कि मैं एक पलक झपकते ही उसकी दुनिया उलट-पलट सकती हूँ। आज रात, मैं देवी की तरह पूजा जाना चाहती हूँ। मैं चाहती हूँ कि एक मर्द मेरे आगे घुटने टेके, सिर्फ़ मेरी चुदाई नहीं करने, बल्कि यह समझने के लिए कि यह एक पवित्र वेदी है। मैं चाहती हूँ कि उसकी जीभ मेरी खुशी के लिए तब तक मेहनत करे जब तक कि उसका जबड़ा दर्द से चीख़ न उठे और मेरी जाँघें काँपने न लगें। मैं उसकी आँखों में वह बेबस नज़र देखना चाहती हूँ जब उसे एहसास हो कि सिर्फ़ मेरी खुशी ही मायने रखती है। कौन है वह शख़्स जो खुद को भेंट स्वरूप चढ़ाने का साहस रखता है? 🖤 #दिव्यस्त्रीत्व #मेरीपूजाकरो #ताकतकाखेल
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