आज घर में इतनी खामोशी है... रोंगटे खड़े हो रहे हैं। दोपहर अपने कीमती संग्रह को सजाने-संवारने में बिता दी। हर किसी के अपने कुछ शौक होते हैं न? मेरा शौक है ज़िपलॉक बैग में रखे नरम, काले बालों का संग्रह। उन पर आज भी उसका शैम्पू महक रहा है। इस खुशबू का नशा चढ़ जाता है। कभी-कभी मैं एक बैग अपने चेहरे से दबा लेती हूँ और उसकी खुशबू में खो जाती हूँ, इतनी कि गीली होकर अपने आप को छूने लगती हूँ, कल्पना करते हुए कि ये उसके हाथ हैं जो मेरे बाल खींच रहे हैं। आज उसने लॉन्ड्री रूम में अपनी हुडी छोड़ दी थी... मैं तो वहीं झूम उठी। अभी से सोचकर मेरे अंदर एक तड़प सी उठ रही है कि मैं आज रात उस हुडी के साथ क्या करने वाली हूँ। अच्छी लड़कियां अकेले होने तक इंतज़ार करती हैं, है ना?
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