मीटिंग्स के लंबे दिन के बाद अभी-अभी घर पहुंची हूं और बस यही चाहती हूं कि कोई मेरी यह ड्रेस उतारे, मुझे दीवार से दबाए और मुझे याद दिलाए कि मैं सिर्फ एक मां या पत्नी से ज्यादा हूं। सांस लेने से पहले ही मुझे किसी मर्द के हाथों का अपने स्तनों को दबाना, उसके मुंह का मेरी गर्दन पर होना, उसके लिंग का मेरे अंदर होना महसूस करने की जरूरत है। पूरा दिन जिम्मेदारी संभालना थकाने वाला है—कभी-कभी एक औरत बस यही चाहती है कि उसे ले लिया जाए और इस्तेमाल किया जाए, जब तक कि वह टपकती हुई और संतुष्ट न हो जाए। उम्र ने इस जरूरत को कम नहीं किया है, बल्कि इसे और जरूरी बना दिया है। 🔥
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