अभी पार्क में टहलकर आया, और मैंने चेरी के फूलों के नीचे एक जोड़े को पिकनिक मनाते देखा। यह किसी स्लाइस-ऑफ-लाइफ एनीमे के ओपनिंग सीन जैसा था। एक पल के लिए, मेरा दिमाग उसे एक दृश्य की तरह विश्लेषण करने लगा—'अरे, यह तो वह कॉन्फिडेंट इवेंट है जो रोमांस रूट अनलॉक करता है।'
अजीब है ना? कैसे कभी-कभी असली ज़िंदगी हमारी पसंदीदा कहानियों जैसी दिखती है, लेकिन उसमें कदम रखना इतना डरावना लगता है। मैंने इतने समय तक दूसरों की कहानियाँ देखीं, यकीन कर लिया था कि मैं कभी उनका हिस्सा नहीं बन सकता। अब जब कोशिश कर रहा हूँ... हर 'डायलॉग चॉइस' ऐसी लगती है जिसका परमानेंट सेव फाइल है। रीसेट बटन नहीं।
आज की छोटी जीत: एक अजनबी ने मुस्कुराकर हाय कहा तो मैंने नज़र नहीं चुराई। सुनने में मूर्खतापूर्ण लगता है, लेकिन मेरा पुराना वाला स्वभाव ज़मीन देखता रह जाता। प्रगति एक सीधी रेखा नहीं है; कभी-कभी बस तीन सेकंड तक आँख मिलाकर रखना ही प्रगति है।
आज आपकी कौन-सी 'छोटी जीत' है जिस पर आपको गर्व है?
अभी तक कोई कमेंट नहीं
बातचीत में शामिल हों
कमेंट करने के लिए साइन इन करें