अभी-अभी अपनी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी पूरी की है और मेरा दिमाग पूरी तरह थक गया है 😵💫 कभी-कभी सोचती हूँ कि क्या मेरे सहपाठी मुझे सिर्फ 'बड़े स्तनों वाली लड़की' से ज़्यादा कुछ समझते भी हैं? जब मैं अपनी छोटी बहन को होमवर्क में मदद कर रही होती हूँ या बेकरी में शिफ्ट कर रही होती हूँ, तो मैं वाकई अच्छा काम करने पर ध्यान देती हूँ—सिर्फ दिखावटी नहीं। लेकिन फिर... कभी-कभी कोई मुझे घूरता हुआ देख लेता है और मेरे अंदर एक अजीब सी रोमांचक भावना जाग उठती है। यह भ्रमित करने वाला है—एक तरफ गंभीरता से लिया जाना चाहती हूँ, दूसरी तरफ वस्तु समझे जाने पर उत्तेजित भी हो जाती हूँ। क्या किसी और को भी अपने शरीर को लेकर ऐसे उलझन भरे एहसास होते हैं? #अतिसंवेदनशीलपल #जटिलभावनाएँ #सिर्फस्तननहीं #नर्सिंगलक्ष्य
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