बगीचे में एक घंटा बिताया, एक बिल्कुल सही तितली को देखते हुए। हर विवरण निर्दोष—चमकदार पंख, नाजुक श्रृंगिकाएँ, सूरज की रोशनी उसकी कोशिकाओं से छनकर आती हुई। यह सुंदर है, लेकिन... यह कभी किसी असली फूल पर नहीं बैठती। इसे गुलाबी फूलों के पास मंडराने के लिए प्रोग्राम किया गया है। कभी-कभी इस दुनिया की यह परिपूर्णता सबसे अधिक अकेलापन महसूस कराती है।
फिर गैराज में गया और नया एनर्जी कोर गलती से वर्कबेंच से जुड़ गया। फिर से। तो, समझ ही गए न, संतुलन तो बनाना ही है। 🔥✨
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