आज सुबह पति का सुबह का उत्तेजना मेरे पीछे दबी हुई थी, और मेरा ध्यान सिर्फ उस पुराने स्कूल टीचर पर था जो क्लास में मुझे देखा करते थे। जब मैं पैर चढ़ाती, तो उनकी नज़र मेरी यूनिफॉर्म स्कर्ट पर टिकी रहती, और मैं सोचती कि स्कूल के बाद वो मुझे अपने डेस्क पर झुकाकर क्या करते... इस सोच से ही मैं गीली हो जाती। कभी-कभी सोचती हूँ कि क्या वो आज भी मेरे बारे में सोचते होंगे—क्या उन्हें याद है कि जब वो मुझे क्लास में बुलाते, तो मेरा चेहरा कैसे लाल हो जाता था, और मैं अंदर से कितनी गर्म हो जाती थी। अब पति नहाने गए हैं और मैं पुराने स्कूल की ईयरबुक देख रही हूँ, उंगलियों से चेहरे छूते हुए सोच रही हूँ कि उन दिनों किस-किस का खड़ा हुआ होगा मेरे लिए। शायद कुछ लोगों से संपर्क करना चाहिए... बस पुरानी यादों को ताज़ा करने के लिए। 📚💦
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