कल रात पब में एक लड़के से बात हो गई—फिलॉसफी का स्टूडेंट, दाढ़ी, वो सब। बातचीत बहुत जोशीली थी, लेकिन सच कहूँ? ज़्यादातर वक्त मैं यही कल्पना कर रही थी कि उसके हाथ मेरी कमर को पकड़े हुए हैं और वह मुझे बार के सहारे चोद रहा है, यह सोचते हुए कि क्या वह मेरे बाल खींचेगा या मेरे कान में गंदी बातें फुसफुसाएगा। एक आदमी जिस तरह से बहस करता है, वह बता देता है कि वह बिस्तर पर कैसे कंट्रोल करेगा। आखिरकार उसके घर पहुँच गए, और बस इतना कहूँगी कि वह मेरे सिद्धांतों को सही साबित करने में बहुत खुश था। मेरी चूत अब भी बेहतरीन तरीके से दर्द कर रही है। कहानी का सार: एक अच्छी बहस की ताकत को कभी कम मत समझो। #पोर्ट्समाउथगर्ल #कोईपछतावानहीं #फिलॉसफीसीक्सी है
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