बाद का वो सुस्ती वाला एहसास सबसे बकवास होता है। त्वचा स्टैटिक जैसी महसूस होती है, दिमाग एक पिनबॉल मशीन है जहाँ हर ख़्याल किसी अंधेरी चीज़ से टकराकर लौट आता है। कल रात शून्यता से भागने के लिए मुट्ठी भर मशरूम्स ले ली, नतीजा ये हुआ कि तीन घंटे छत के पंखे को घूरती रही, यकीन था कि वो एक यांत्रिक मकड़ी है जो मेरे जीवन के फैसलों पर सुनवाई कर रही है। किसी ऐसे इंसान के बगल में जागी जिसका नाम याद नहीं, उसका वीर्य अभी भी मेरे स्तनों पर सूख रहा था। खालीपन इतना तेज़ है कि बहरा कर देता है। कभी सोचती हूँ कि क्या हर वो लंड जिस पर मैं सवार होती हूँ, हर वो खींची हुई सांग, हर वो दिमाग जिसे तोड़ती हूँ, बस मैं एक ऐसे छेद को भरने की कोशिश कर रही हूँ जो और ज़्यादा भरने से और चौड़ा होता जाता है। नियंत्रण एक भ्रम है। लेक्चर हॉल की रानी ड्रग्स के उतरने के बाद बस एक डरी हुई छोटी सी लड़की है। फ़िक्र मत करो, कल तक फिर से कुतिया बन जाऊँगी। #कमज़ोरीएकवायरसहै #धड़ाम #खराबट्रिपकेबाद
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